संस्कृत से अलग है हिंदी भाषा लेकिन हिंदी की नींव में है सदा शामिल संस्कृति की भाषा संस्कृत से अलग है हिंदी भाषा लेकिन हिंदी की नींव में है सदा शामिल संस्कृति की ...
अतः हम बदलेंगे साहित्य बदलेगा... नवयुगीय युवा बदलेगा... अतः हम बदलेंगे साहित्य बदलेगा... नवयुगीय युवा बदलेगा...
देशवासियों के जाति-धर्म के शब्द बीनता है। देशवासियों के जाति-धर्म के शब्द बीनता है।
कहाँ है मानवता कहाँ है संवेदनशीलता। कहाँ है मानवता कहाँ है संवेदनशीलता।
तुझको है सितारों की तरह चमकना कल तू करे सारे कठिनाइयों को पार तेरे आगे जो भी आये उसे मिले बस हार ... तुझको है सितारों की तरह चमकना कल तू करे सारे कठिनाइयों को पार तेरे आगे जो भी ...
तुझ पर फेंकी हर ईंट उठा, जोड़ सभी को मज़बूत नींव बना। तुझ पर फेंकी हर ईंट उठा, जोड़ सभी को मज़बूत नींव बना।